Aaj ka Panchang आज का पञ्चांग 14 फरवरी 2024 दिन बुधवार
🚩जय सत्य सनातन 🚩
🚩आज की हिंदी तिथि
🌥️ 🚩 युगाब्द-५१२५
🌥️ 🚩 विक्रम संवत-२०८०
⛅ 🚩 तिथि - पंचमी दोपहर 12:09 तक तत्पश्चात षष्ठी
⛅ दिनांक - 14 फरवरी 2024
⛅ दिन - फरवरी
⛅ अयन - उत्तरायण
⛅ ऋतु - शिशिर
⛅ मास - माघ
⛅ पक्ष - शुक्ल
⛅ नक्षत्र - रेवती सुबह 10:43 तक तत्पश्चात अश्विनी
⛅ योग - शुभ शाम 07:59 तक तत्पश्चात शुक्ल
⛅ राहु काल - दोपहर 12:54 से 02:19 तक
⛅ सूर्योदय - 07:13
⛅ सूर्यास्त - 06:35
⛅ दिशा शूल - उत्तर
⛅ ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 05:32 से 06:22 तक
⛅ निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:28 से 01:19 तक
⛅ व्रत पर्व विवरण - मातृपितृ पूजन दिवस, वसंत पंचमी
⛅ विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता हैं। षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती हैं। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🔹14 फरवरी : मातृपितृ पूजन दिवस🔹
🔸कैसे मनायें 'मातृ-पितृ पूजन दिवस' ?
👉 माता-पिता को स्वच्छ तथा ऊँचे आसन पर बैठायें।
👉 बच्चे-बच्चियाँ माता-पिता के माथे पर कुंकुम का तिलक करें।
👉 तत्पश्चात् माता-पिता के सिर पर पुष्प अर्पण करें तथा फूलमाला पहनायें।
👉 माता-पिता भी बच्चे-बच्चियों के माथे पर तिलक करें एवं सिर पर पुष्प रखें फिर अपने गले की फूलमाला बच्चों को पहनायें।
👉 बच्चे-बच्चियाँ थाली में दीपक जलाकर माता-पिता की आरती करें और अपने माता-पिता एवं गुरू में ईश्वरीय भाव जगाते हुए उनकी सेवा करने का दृढ़ संकल्प करें।
👉 बच्चे-बच्चियाँ अपने माता-पिता के एवं माता-पिता बच्चों के सिर पर अक्षत एवं पुष्पों की वर्षा करें।
👉 तत्पश्चात् बच्चे-बच्चियाँ अपने माता-पिता की सात बार परिक्रमा करें।
👉 बच्चे-बच्चियाँ अपने माता-पिता को झुककर विधिवत प्रणाम करें तथा माता-पिता अपनी संतान को प्रेम से सहलायें । संतान अपने माता-पिता के गले लगे। बेटे-बेटियाँ अपने माता-पिता में ईश्वरीय अंश देखें और माता-पिता बच्चों से ईश्वरीय अंश देखें।
👉 इस दिन बच्चे-बच्चियाँ पवित्र संकल्प करें- "मैं अपने माता-पिता व गुरुजनों का आदर करूँगा/करूँगी। मेरे जीवन को महानता के रास्ते ले जाने वाली उनकी आज्ञाओं का पालन करना मेरा कर्तव्य है और मैं उसे अवश्य पूरा करूँगा/करूँगी।"
👉 इस समय माता-पिता अपने बच्चों पर स्नेहमय आशीष बरसाये एवं उनके मंगलमय जीवन के लिए इस प्रकार शुभ संकल्प करें- "तुम्हारे जीवन में उद्यम, साहस, धैर्य, बुद्धि, शक्ति व पराक्रम की वृद्धि हो।तुम्हारा जीवन माता-पिता एवं गुरू की भक्ति से महक उठे। तुम्हारे कार्यों में कुशलता आये। तुम त्रिलोचन बनो – तुम्हारी बाहर की आँख के साथ भीतरी विवेक की कल्याणकारी आँख जागृत हो।तुम पुरूषार्थी बनो और हर क्षेत्र में सफलता तुम्हारे चरण चूमे।"
👉 बच्चे-बच्चियाँ माता-पिता को 'मधुर-प्रसाद' खिलायें एवं माता-पिता अपने बच्चों को प्रसाद खिलायें।
🌹सरस्वती पूजन : 14 फरवरी 24🌹
🔸पूजा मुहूर्त : सुबह 07:13 से 12:54 तक।
🌹 माघ मास शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि माँ सरस्वती का प्रागट्य दिवस है। सारस्वत्य मंत्र लिए हुए जो भी साधक हैं , सरस्वती माँ का पूजन करें और सफेद गाय का दूध मिले अथवा गाय के दूध की खीर बनाकर सरस्वती माँ को भोग लगायें। सफेद पुष्पों से पूजन करें और जिन विद्यार्थियों ने सारस्वत्य मंत्र लिया है वे तो खास जीभ तालू पर लगाकर सारस्वत्य मंत्र का जप इस दिन करें तो वे प्रतिभासम्पन्न आसानी से हो जायेंगे।
🌹 वसंत पंचमी सरस्वती माँ का आविर्भाव का दिवस है। जो भी पढ़ते हों और शास्त्र आदि या जो भी ग्रन्थ, उनका आदर-सत्कार-पूजन करो। और भ्रूमध्य में सूर्यदेव का ध्यान करो । जिससे पढ़ाई-लिखाई में आगे बढ़ोगे।
🔸इस दिन सारस्वत्य मंत्र का अधिक-से-अधिक जप करना चाहिए।
🙏🚩 जय श्री राम 🌹🙏

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