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Banaras me kaun sa Joytirling hai बनारस में कौन सा जो ज्योतिर्लिंग है

Dhramyugslma

 Varansi Dham: काशी भगवान महादेव की प्रिय नगरी है बनारस में द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख बाबा विश्वनाथ ( kashi vishwanath) यहां विराजमान है. शिव के इस प्रिय शहर में आदि विशेश्वर के साथ ही 12 अन्य ज्योतिर्लिंग भी विराजमान हैं जिनका अपना ऐतिहासिक महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक़,इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन से भक्तों को देश के अलग अलग हिस्सों में विराजमान ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के समान ही पुण्य मिलता है.

विश्वनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग की स्थापना:

पौराणिक कथाओं के मुताबिक, भगवान शिव देवी पार्वती से विवाह करने के बाद कैलाश पर्वत आकर रहने लगे. वही देवी पार्वती अपने पिता के घर रह रही थी जहां उन्हें बिलकुल अच्छा नहीं लग रहा था. देवी पार्वती ने एक दिन भगवान शिव से उन्हें अपने घर ले जाने के लिए कहा .भगवान शिव ने देवी पार्वती की बात मानकर उन्हें काशी लेकर आए और यहां विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के रूप में खुद को स्थापित कर लिया.
इस मंदिर का उल्लेख महाभारत और उपनिषदों में भी है. इस मंदिर का निर्माण किसने कराया इसके बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है .साल 1194 में मोहम्मद गौरी ने इस मंदिर को लूटने के बाद इसे तुड़वा दिया था. इस मंदिर का निर्माण फिर से कराया गया लेकिन जौनपुर के सुल्तान महमूद शाह ने इसे दोबारा तुड़वा दिया .इतिहासकारों के मुताबिक विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार अकबर के नवरत्नों में से एक राजा टोडरमल ने करवाया था. उन्होंने साल 1585 में अकबर के आदेश पर नारायण भट्ट की मदद से इसका जीर्णोद्धार कराया.


बनारस के दर्शनीय स्थल: 

वाराणसी भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में गंगा नदी के किनारे स्थित एक ऐसा शहर है.जो हिंदुओं के लिए एक बहुत ही खास तीर्थ स्थलों में से एक है. यहां कई लोग मुक्ति और शुद्धिकरण के लिए भी आते हैं. हिंदू धर्म के लिए सात पवित्र शहरों में से एक वाराणसी एक बहुत ही प्रसिद्ध तीर्थ स्थान होने के साथ ही एक पर्यटक स्थल भी है .यहां आने वाला कोई भी इंसान इस जगह पर आकर बहुत ही हल्का महसूस करता है और यहां के तीर्थ स्थलों की सैर करने के बाद खुद को धन्य महसूस करता है .वाराणसी अपने कई विशाल मंदिरों के अलावा घाट और अन्य कई लोकप्रिय स्थानों से हर साल यहां आने वाले लाखों पर्यटक को बेहद आकर्षित करता है. यह स्थान विदेशी पर्यटकों को भी काफी पसंद आता है.


वाराणसी के प्रमुख दर्शनीय स्थल यह है


वाराणसी का प्रमुख घाट अस्सी घाट
वाराणसी में रामनगर किला 
संकट मोचन हनुमान मंदिर  
दशाश्वमेध घाट
तुलसी मानसा मंदिर
काशी विश्वनाथ मंदिर
दुर्गा मंदिर वाराणसी का एक प्रमुख मंदिर
मणिकर्णिका घाट
रामनगर किला और संग्रहालय
चुनार का किला
वाराणसी सारनाथ मंदिर



बनारस मे खाने में क्या प्रसिद्ध है:


बनारस या वाराणसी जो भी कहलो मगर यहां का खान-पान का रस इतना रसीला है कि जो भी इसमें डूबता है वह स्वाद में खुद को तरबतर पता है. काशी की पुरानी गलियों में देर रात से ही खाने की तैयारी की खटरपटर हो या ना बंद होने वाली चाय की अड़ियां मोहल्ला अस्सीर हो या रंजन जैसी फिल्में सब बनारसी रस से तरबतर है .साहित्य धर्म और संस्कृति की राजधानी काशी में खान-पान भी एक संस्कार है .जो जागने से शुरू होता है और सोने तक परंपरा का निर्वाहन कराता है .

बनारस में खाने की प्रसिद्ध चीज यह है
बनारसी पान,
मलाई पुरी 
बनारसी ठंडाई,
 चाय
नायाब लस्सी
 कचौड़ी और जलेबी
 मलाई मिठाई
 बाटी और चोखा इत्यादि!

🙏🌹 ॐ नमः शिवाय 🙏🌹



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