Header Ads

Durduriya pooja ki Vidhi अवसान माता की पूजा विधि

 


Dharamyugslma


Dharamyugslma: Durduriya ki pooja vidhi awsan mata ki janiye pooja vidhi ll awsani mata ki pooja kaise hoti hai ll अवसान माता की पूजा की विधि ll


दुरदुरिया पूजा की शुरुआत कैसे हुई मित्रों.....


 दुरदुरिया पूजा की शुरुआत के बारे में ऐसा मानना है कि जब राजा दशरथ भगवान श्री राम और साथ उनके अन्य सभी भाइयों का विवाह करके जब वापस आए थे तो उन्होंने अपने नगर के सभी सुहागिन औरतों को बुलाकर दुरदुरिया पूजा की थी. अवसान माता की पूजा ,चटपट माता की पूजा या फिर तुरंता माता की पूजा और या फिर संकटा माता की पूजा यह सब करवाते हैं. जिन लोगों को जिस चीज में श्रद्धा होती है. वह वैसे ही माता की पूजा करते हैं .और वैसा ही फल प्राप्त करते हैं .मित्रों अब आप सभी को हम बताने जा रहे हैं कि दूर-दूरिया पूजा में क्या सामग्री लगती है।



महिलाओ की मनोकामना पूरी करती हैं अवसान देवी ,जानिए पूजा विधि......


गांव से लेकर शहर तक सामूहिक रूप से सुहागिन महिलाओं द्वारा बड़ी ही आस्था के साथ यह पूजा की जाती है. इस पूजा को दुर्दुरिया के नाम से भी जाना जाता हैं. ऐसा माना जाता है कि अवसान देवी के नाम से कोई भी मन्नत मांगी जाए तो वह निश्चित रूप से पूर्ण होती है.इसलिए महिलाएं देवी से मन्नत मांगती हैं l

यह विशेष पूजा अक्सर शुभ कार्यों के बाद घर या धार्मिक क्षेत्र पर की जाती है .पूजा होने के बाद प्रसाद के रूप में लाई चना और गुड़ या मिठाई खिलाई जाती है .महिलाएं यह पूजा बड़ी आस्था और भक्ति के साथ करती हैं. विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं द्वारा मन्नत पूर्ण होने के बाद यह पूजा की जाती है. यह पूजा गुरुवार को की जाती है. इससे एक दिन पहले यानी बुधवार को 7 या 14 सुहागिन महिलाओं को निमंत्रण दिया जाता है.


सुहागिन महिलाओं की 7 या 14 महिलाओं की टोलिया बनाकर दुरदुरिया पूजन करती हैं. यह कार्यक्रम सुबह से दोपहर तक चलता है . समूह में बैठी महिलाएं अवसान मैया की पूजा अर्चना करती है .पूजा अर्चन के बाद महिलाओं को अवसान माता की कथा व कहानी सुनाई जाती है. अवसान मैया के गीत भी गाए जाते हैं. इस पूजा को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नाम और अलग-अलग तरीकों से किया जाता है.


आईए जानते हैं अवसानी मैया की पूजा में क्या सामग्री लगती है..….



एक चौकी
लाल या पीला कपड़ा 
लाल चुनरिया साड़ी
कलश 
सात मिट्टी की ढेलकी
गोबर की गौर
आम के पते, नीम के पत्ते , दूब
फूल माला और लाल फूल अड़हुल
एक जटा वाला नारियल 
पान के पत्ते 
सुपारी 
इलायची 
लौंग 
कपूर 

रोली 
सिंदूर
चुड़ी
बिंदी
लाई ,चना, गुड़, मिठाई
मौली 
चावल
धूपबत्ती , घी का दीपक

No comments

boAt New Launch Ultima Ember

About Product -: boAt New Launch Ultima Ember Smartwatch w/ 1.96” (4.97 cm) AMOLED Display, Personalized Fitness Nudges, Functional Crown, 1...

Powered by Blogger.