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Aaj ka Panchang Today Panchang

Dharamyugslma

 *🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*

*⛅दिनांक - 30 मार्च 2024*

*⛅दिन - शनिवार*

*⛅विक्रम संवत् - 2080*

*⛅अयन - उत्तरायण*

*⛅ऋतु - वसंत*

*⛅मास - चैत्र*

*⛅पक्ष - कृष्ण*

*⛅तिथि - पंचमी रात्रि 09:13 तक तत्पश्चात षष्ठी*

*⛅नक्षत्र - अनुराधा रात्रि 10:03 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*

*⛅योग - सिद्धि रात्रि 10:47 तक तत्पश्चात व्यतीपात*

*⛅राहु काल - सुबह 09:39 से 11:12 तक*

*⛅सूर्योदय - 06:34*

*⛅सूर्यास्त - 06:54*

*⛅दिशा शूल - पूर्व*

*⛅ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 05:00 से 05:47 तक*

*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:20 से 01:07 तक*

*⛅व्रत पर्व विवरण - रंग पंचमी, व्यतीपात योग*

*⛅विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*


*🔹व्यतिपात योग 🔹*


*🔸समय अवधि : 30 मार्च रात्रि 10:47 से 31 मार्च रात्रि 09:53 तक ।*


*🔸व्यतिपात योग में किया हुआ जप, तप, मौन, दान व ध्यान का फल १ लाख गुना होता है । - वराह पुराण*


*🔸रंग पंचमी : 30 मार्च 2024🔸*

*🔸भारतीय पंचांग अनुसार रंग पंचमी के दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की पूजा की जाती है । इसी के साथ श्री विष्णु लक्ष्मी जी का पूजन शास्त्रों में निहित है । भगवान पूजा करने से साधक की सभी इच्छाएं शीघ्र पूरी हो जाती हैं । इस दिन किया पूजन सुखी जीवन के साथ दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और शांति को प्रदान करता है । इस शुभ दिवस पर भक्त भक्ति भाव से भगवान की पूजा-अर्चना करते हैं । पूजा पाठ करने से जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं ।*


*🔹सर्वसुलभ, पोषक व औषधीय गुणों से भरपूर सहजन🔹*

*🔸स्वास्थ्य-लाभकारी प्रयोग🔸*


*🔸(1) शारीरिक पुष्टि हेतु : सहजन के पत्तों का आधा से 1 ग्राम चूर्ण प्रतिदिन 2 बार सेवन करने से कुपोषण के शिकार हुए बच्चों की शारीरिक पुष्टि व वृद्धि कम समय में हो सकती है । बड़े व्यक्ति 2 से 5 ग्राम ले सकते हैं ।*


*🔸(2) प्रसूताओं के लिए : सहजन के आधी कटोरी हरे पत्ते 1 चम्मच घी में सेंककर कुछ दिन तक प्रसूताओं को खिलाने से उनमें दूध की कमी नहीं होती और बच्चे को जन्म देने के बाद की कमजोरियों, जैसे थकान आदि का भी निवारण होता है ।*


*🔸(3) रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु : सहजन की फली और पत्तों का सूप बनाकर या इन्हें दाल के साथ सेवन करने से रोगप्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ती है तथा ऋतु-परिवर्तनजन्य बीमारियों से सुरक्षा होती है ।*


*🔸(4) पेट की समस्याओं में : पेट की समस्याओं के लिए सहजन कारगर औषधि है । इसके कोमल पत्तों का साग खाने से शौच साफ होता है । इसकी फलियों की सब्जी खाने से पेट के कीड़े नष्ट होते हैं ।*


*🔸(5) पुरुषत्व की वृद्धि हेतु : इसके 8-10 फूलों को 250 मि.ली. दूध में उबालकर सुबह-शाम पीने से शारीरिक कमजोरी दूर होती है और पुरुषत्व की वृद्धि होती है ।*


*🔸(6) गायों को नियमित आहार के साथ सहजन के सूखे पत्ते, फली आदि खिलाने से उनके दुग्ध-उत्पादन में काफी बढ़ोतरी होती है ।*


*🔹ध्यान दें : सब्जी के लिए ताजी एवं गूदेवाली फली का प्रयोग करें । सहजन दाहकारक एवं पित्त-प्रकोपक है । पित्त-प्रकोप हो तो इसके सेवनकाल में दूध, गुलकंद आदि पित्तशामक पदार्थों का उपयोग करें । गुर्दे (kidneys) की खराबी में इसे न लें ।*


*🌹 शनिवार के दिन विशेष प्रयोग 🌹*


*🌹 शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है । (ब्रह्म पुराण)*


*🌹 हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है । (पद्म पुराण)*


*🔹आर्थिक कष्ट निवारण हेतु🔹*

*🔹एक लोटे में जल, दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर हर शनिवार को पीपल के मूल में चढ़ाने तथा ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र जपते हुए पीपल की ७ बार परिक्रमा करने से आर्थिक कष्ट दूर होता है ।*


🙏🚩Jai Shree Ram 🙏🌹

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