Hindi panchang आज का पञ्चांग
*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 1अप्रैल 2024*
*⛅दिन - सोमवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2080*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - वसंत*
*⛅मास - चैत्र*
*⛅पक्ष - कृष्ण*
*⛅तिथि - सप्तमी रात्रि 09:09 तक तत्पश्चात अष्टमी*
*⛅नक्षत्र - मूल रात्रि 11:11 तक तत्पश्चात पूर्वाषाढ़ा*
*⛅योग - वरियान रात्रि 8:28 तक तत्पश्चात परिघ*
*⛅राहु काल - सुबह 08:06 से 09:38 तक*
*⛅सूर्योदय - 06:33*
*⛅सूर्यास्त - 06:51*
*⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 04:59 से 05:46 तक*
*⛅अभिजीत मुहूर्त - दिन 12:18 से 01:07 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण - मारवाड़ी सप्तमी*
*⛅विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाया जाय तो वह रोग बढ़ानेवाला तथा शरीर का नाशक होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
*🔹ग्रहबाधा दूर करने का उपाय🔹*
👉🏻 *शनि, राहू-केतु आदि ग्रहों के दोष-निवारण के लिए प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को अपने हाथ से आटे की लोई गुड़सहित प्रेमपूर्वक किसी नंदी अथवा गाय को खिलायें । कैसी भी ग्रहबाधा हो, दूर हो जायेगी ।*
*🔸तुतलापन मिटाने के लिए🔸*
*🔹२-३ बादाम के गिरी मिक्सी में अच्छी तरह घोट के और मक्खन व मिश्री मिलाकर बराबर चबा चबा कर खाएं l १ हफ्ते में तोतलेपन में आराम होता है l*
*🔸बुद्धि बढाने के ढेर सारे उपाय🔸*
*👉🏻 १] दिव्य प्रेरणा-प्रकाश पुस्तक में (पृष्ठ २ पर ) एक मंत्र लिखा है , उसको पढ़कर दूध में देखोगे और वह दूध पियोगे तो बुद्धि बढ़ेगी, बल बढ़ेगा ।*
*👉🏻 २] मंत्रजप और अनुष्ठान से बुद्धि विकसित होती है ।*
*👉🏻 ३] भगवच्चिंतन करके ॐकार का गुंजन करके शांत होओगे तो बुद्धि बढ़ेगी ।*
*👉🏻 ४] श्वासोच्छवास में भगवान् सूर्यनारायण का ध्यान करने से भी फायदा होगा ।*
*👉🏻 ५] श्रद्धा, भक्ति और गुरुजनों के सत्संग से भी बुद्धि उन्नत होती है ।*
*👉🏻 ६] भगवद-ध्यान से तो बुद्धि को बढना ही है ।*
*👉🏻 ७] स्मृतिशक्ति बढानी है तो कानों में अँगूठे के पासवाली पहली उँगलियाँ डालकर लम्बा श्वास लो फिर होंठ बंद रख के कंठ से ‘ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ....’ ऐसा उच्चारण करो । इस प्रकार १० बार करो । इस भ्रामरी प्राणायाम से स्मृति बढ़ेगी, बुद्धू विद्यार्थी भी अच्छे अंक लायेंगे ।*
*🔹गृहके समीपस्थ वृक्ष 🔹*
*👉🏻 ईशान में आँवला शुभदायक है ।*
*👉🏻 ईशान - पूर्वमें कटहल एवं आम शुभदायक हैं ।*
*👉🏻 (३) घरके पास काँटेवाले, दूधवाले तथा फलवाले वृक्ष स्त्री और सन्तान की हानि करनेवाले हैं । यदि इन्हें काटा न जा सके तो इनके पास शुभ वृक्ष लगा दें ।*
*👉🏻 काँटेवाले वृक्ष शत्रु से भय देनेवाले, दूधवाले वृक्ष धनका नाश करनेवाले और फलवाले वृक्ष सन्तानका नाश करनेवाले हैं । इनकी लकड़ी भी घरमें नहीं लगानी चाहिये-*
*आसन्नाः कण्टकिनो रिपुभयदाः क्षीरिणोऽर्थनाशाय ।*
*फलिनः प्रजाक्षयकरा दारूण्यपि वर्जयेदेषाम् ॥*
*(बृहत्संहिता ५३। ८६)*
*(४) बदरी कदली चैव दाडिमी बीजपूरिका।*
*प्ररोहन्ति गृहे यत्र तद्गृहं न प्ररोहति ॥*
*👉🏻 (समरांगणसूत्रधार ३८ । १३१) 'बेर, केला, अनार तथा नींबू जिस घरमें उगते हैं, उस घर की वृद्धि नहीं होती । '*
*👉🏻 अश्वत्थं च कदम्बं च कदलीबीजपूरकम् । गृहे यस्य प्ररोहन्ति स गृही न प्ररोहति ॥*
*👉🏻 (बृहद्दैवज्ञ० ८७ ९) 'पीपल, कदम्ब, केला, बीजू नींबू ये जिस घरमें होते हैं, उसमें रहनेवाले की वंशवृद्धि नहीं होती ।'*
*👉🏻 (५) घरके भीतर लगायी हुई तुलसी मनुष्योंके लिये कल्याणकारिणी, धन-पुत्र प्रदान करनेवाली, पुण्यदायिनी तथा हरिभक्ति देनेवाली होती है । प्रातःकाल तुलसीका दर्शन करनेसे सुवर्ण दानका फल प्राप्त होता है ।*
*(ब्रह्मवैवर्तपुराण, कृष्ण० १०३ । ६२-६३ )*
🙏🚩 जय श्री राम 🙏🌹

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